शरीर में गांठ या सिस्ट (Cyst) क्या है? घबराने से पहले पढ़ें यह आसान जानकारी
Introduction
कई बार नहाते वक्त या अचानक शरीर पर हाथ फिराते हुए हमें कोई छोटी सी गांठ या उभार महसूस होता है। दिमाग में पहला ख्याल आता है—"कहीं यह कोई गंभीर बीमारी तो नहीं?"
अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो परेशान मत होइए। ज़्यादातर मामलों में यह सिस्ट (Cyst) होती है, जो बेहद आम है और अधिकतर बेहानिकारक (Non-cancerous) होती है।
लेकिन यह सिस्ट बनती क्यों है? क्या इसका इलाज खुद हो जाता है या डॉक्टर के पास जाना पड़ता है? आइए, बिना किसी मुश्किल डॉक्टरी भाषा के इसे आसान शब्दों में समझते हैं।
सिस्ट (Cyst) आखिर होती क्या है?
सरल शब्दों में कहें, तो सिस्ट त्वचा के नीचे या शरीर के अंदर बनने वाली एक छोटी सी थैली (Sac) होती है। इस थैली के अंदर पानी जैसा तरल पदार्थ (Fluid), हवा या कोई गाढ़ा पदार्थ भरा हो सकता है।
यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है—जैसे आपकी स्किन पर, महिलाओं की ओवरी में, ब्रेस्ट में या किडनी में।
ध्यान दें: सिस्ट और कैंसर की गांठ में फर्क होता है। 90% से ज्यादा सिस्ट में कैंसर नहीं होता, इसलिए गांठ देखते ही डरने की जरूरत नहीं है।
सिस्ट के सबसे आम प्रकार
शरीर के अलग-अलग अंगों में होने वाली सिस्ट को अलग नाम दिया जाता है:
1.स्किन सिस्ट (Skin / Sebaceous Cyst): यह चेहरे, गर्दन या पीठ पर त्वचा के ठीक नीचे बनती है। इसमें अक्सर मुहांसे जैसा गाढ़ा मवाद या केराटिन जमा हो जाता है।
2.ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst): यह महिलाओं के अंडाशय (Ovary) में बनती है। पीरियड साइकिल में बदलाव या हार्मोनल असंतुलन की वजह से यह काफी महिलाओं में देखने को मिलती है।
3.ब्रेस्ट सिस्ट (Breast Cyst): स्तनों के टिशूज में बनने वाली यह तरल से भरी गांठ होती है। यह अक्सर पीरियड से पहले थोड़ी दर्दनाक हो सकती है।
4.किडनी सिस्ट (Kidney Cyst): यह गुर्दे की बाहरी सतह पर पानी की थैली की तरह बन जाती है।
शरीर में सिस्ट क्यों बनने लगती है?
सिस्ट होने के पीछे कई छोटी-मोटी वजहें हो सकती हैं:
°ग्रंथियों का बंद होना: जब हमारी त्वचा की तेल बनाने वाली ग्रंथियां (Oil glands) ब्लॉक हो जाती हैं, तो fluid बाहर नहीं निकल पाता और थैली बन जाता है।
°हार्मोन का उतार-चढ़ाव: महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन में बदलाव के कारण ओवेरियन सिस्ट बनती है।
°इंफेक्शन या चोट: कभी-कभी किसी पुरानी चोट या हल्के इंफेक्शन की जगह पर भी सिस्ट पनप सकती है।
°जेनेटिक्स: कुछ लोगों के परिवार में सिस्ट होने की टेंडेंसी होती है।
इसके लक्षण क्या हैं? (कैसे पहचानें?)
शुरुआत में सिस्ट इतनी छोटी होती है कि आपको पता भी नहीं चलेगा। लेकिन जब इसका आकार बढ़ता है, तो ये लक्षण दिख सकते हैं:
°त्वचा के नीचे एक गोल, हिलने-डुलने वाली गांठ।
°गांठ को दबाने पर हल्का दर्द या दबाव महसूस होना।
°पेट के निचले हिस्से में भारीपन या खिंचाव (ओवेरियन सिस्ट के मामले में)।
°लालिमा या सूजन (अगर सिस्ट में इंफेक्शन हो जाए)।
क्या सिस्ट का इलाज कराना ज़रूरी है?
ज़रूरी नहीं कि हर सिस्ट का ऑपरेशन या इलाज हो।
°खुद ठीक होना: कई छोटी सिस्ट बिना किसी दवा के अपने आप कुछ हफ्तों में घुल जाती हैं।
°दवाइयां: अगर सिस्ट हार्मोन की वजह से है, तो डॉक्टर कुछ गोलियां देकर इसे ठीक कर देते हैं।
°पानी निकालना (Drainage): अगर सिस्ट में ज्यादा दर्द या पानी है, तो डॉक्टर सुई की मदद से fluid बाहर निकाल देते हैं।
°सर्जरी: यदि सिस्ट बहुत बड़ी हो गई है, बार-बार पक रही है या दर्द दे रही है, तो एक छोटी सी सर्जरी करके इसे हटा दिया जाता है।
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
अगर आपको शरीर में कोई नई गांठ दिखे, तो एक बार डॉक्टर को दिखाना हमेशा सही रहता है। खास तौर पर तब तुरंत जाएं जब:
1.गांठ का आकार तेजी से बढ़ रहा हो।
2.सिस्ट में बहुत तेज दर्द या रेडनेस हो।
3.सिस्ट से बदबूदार मवाद बहने लगे।
आखिरी बात
शरीर में गांठ मिलना चिंता पैदा कर सकता है, लेकिन हर गांठ खतरनाक नहीं होती। सिस्ट बहुत ही सामान्य समस्या है और सही समय पर सही सलाह लेने से यह आसानी से ठीक हो जाती है। खुद से सिस्ट को फोड़ने या दबाने की गलती कभी न करें।
(Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए लिखा गया है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।)
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